91-8299273766 info@lokmanchnews.com
पेंशनरों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

अंबेडकरनगर : उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई है। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक समन्वय समिति उत्तर प्रदेश तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।

ज्ञापन में वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तिथि के आधार पर किए जा रहे भेदभाव को समाप्त करने की मांग की गई है। इसके साथ ही केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के गठन से संबंधित जारी नोटिफिकेशन के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण और अन्य पेंशन लाभों को शामिल किए जाने की मांग उठाई गई है।

पेंशनरों का कहना है कि पेंशन को “अनफंडेड कॉस्ट” और “नॉन-कॉन्ट्रिब्यूटरी” बताकर गैर-अंशदायी और गैर-वित्त पोषित बताने वाले क्लॉज एफआर-3 को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पेंशनरों के अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी 13 नवंबर 2025 को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेंशनरों से जुड़े मुद्दों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के पेंशनर आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।ज्ञापन सौंपने के दौरान पेंशनर संगठनों के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।