ऐतिहासिक दस्तावेज़ पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन में
महुआ डाबर संग्रहालय 26 नवंबर 2025 को जिला कारागार फैजाबाद–अयोध्या के शहीद कक्ष में काकोरी एक्शन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी आयोजित करेगा। समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा।
डॉ. शाह आलम राना करेंगे चर्चा
भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के विशेषज्ञ और संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना काकोरी एक्शन से जुड़े अभिलेखों पर विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम अशफाक उल्लाह खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान द्वारा आयोजित है।
अशफाक उल्ला खां से जुड़ा ऐतिहासिक महत्व
अशफाक उल्ला खां को 1927 में दो बार फैजाबाद जेल लाया गया था। 19 दिसंबर 1927 को यहीं उन्हें फांसी दी गई थी, जिससे यह स्थान काकोरी इतिहास का प्रमुख केंद्र बनता है।
प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख अभिलेख
काकोरी केस की जजमेंट फाइलें
प्रिवी काउंसिल अपील फाइल
अशफाक उल्ला खां का छात्र रजिस्टर व जेल रिकॉर्ड
हस्तलिखित डायरी, पत्र, चार्जशीट
‘सरफरोशी की तमन्ना’ की प्रति
काकोरी क्रांतिकारियों की तस्वीरें और हथियारों के दस्तावेज
महुआ डाबर संग्रहालय का महत्व
1857 के विद्रोह से जुड़े 200+ चित्र और 100 से अधिक अभिलेखीय दस्तावेज़ों वाला यह संग्रहालय स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में शामिल है और क्षेत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
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