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भट्टा उद्योग पर बढ़ी जीएसटी से हड़कंप, व्यवसायियों ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना


भट्टा व्यवसायियों ने जताई नाराजगी — कहा, "कमर टूट जाएगी अगर राहत नहीं मिली"

धरने में शामिल व्यवसायियों ने कहा कि भट्टा उद्योग पहले से ही महंगाई और मजदूरी दरों की मार झेल रहा है। अब बढ़ी हुई जीएसटी ने उनकी स्थिति और भी खराब कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने टैक्स दरों में जल्द कमी नहीं की तो भट्टा उद्योग पूरी तरह ठप हो जाएगा।

जिले में 80 हज़ार लोगों को रोजगार देता है भट्टा उद्योग

व्यवसायियों का कहना है कि पूरे जिले में करीब 80,000 लोग सीधे या परोक्ष रूप से भट्टा उद्योग से जुड़े हैं। इसमें मजदूर, ट्रांसपोर्टर, सप्लाई एजेंट और कारीगर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह उद्योग बंद हुआ तो हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी छिन जाएगी और बेरोज़गारी का संकट गहरा जाएगा।

ज्ञापन के ज़रिए सरकार से जीएसटी में कमी की मांग

व्यवसायियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि भट्टा उद्योग पर लगाई गई बढ़ी हुई जीएसटी दरों को तुरंत वापस लिया जाए। उनका कहना है कि इस टैक्स व्यवस्था ने उत्पादन लागत को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे कारोबार टिकाना मुश्किल हो गया है।


जिले के भट्टा व्यवसायियों ने आज बढ़ी हुई जीएसटी दरों के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। व्यवसायियों ने सरकार से तुरंत राहत की मांग करते हुए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।

आर्थिक दबाव बढ़ाने का आरोप

भट्टा संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगों को राहत देने के बजाय उन पर आर्थिक दबाव बना रही है। “जब हम ही नहीं रहेंगे, तो मजदूर कहाँ जाएंगे?” — ऐसा सवाल प्रदर्शन में कई व्यवसायियों ने उठाया। उन्होंने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भट्टा संघ ने दी चेतावनी — "आवश्यक हुआ तो करेंगे एक बड़ा धरना"

अंत में संघ के प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि यह धरना केवल चेतावनी है। अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो वे एक बड़े धरने की ओर जाएंगे और हड़ताल करने को मजबूर होंगे।